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Awadhi

  


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Book Name :    Chapter :     Compare with Bible : 
 

Chapter : 1 out of 16 Chapters

1 परमेस्सर क पूत ईसू मसीह क सुसमाचार क सुरुआत।
2 जइसा अगवा होई, यसायाह नबी क किताब मँ लिखा अहइ: उ कहेस, “सुन ल्या! मइँ (परमेस्सर) अपने सहायक क तोसे पहिले पठवत अही। उ तोहरे बरे रस्ता बनाई।” मलाकी 3:1
3 “एक ठु मनई के चिल्लाय क अवाज उसरे मँ सुनि लीन्ह: ‘पर्भू क बरे रस्ता बनवा अउर सोझ रस्ता तइयार करा।”‘ यसायाह 40:3
4 यूहन्ना उसरे मँ बपतिस्मा देत आइ। उ लोगन स बपतिस्मा लेने क कहेस कि उ आपन मनफिराव क दिखा सकइँ। अउर ओनके पापन्क छमा होइ।
5 यरूसलेम अउ यहूदिया देस क सब जने ओकरे निअरे गएन। जइसे उ सब आपुन्हि पापन्क कबूलेन्ह, उ सब यरदन नदिया मँ ओसे बपतिस्मा पाएन।
6 यूहन्ना ऊँटन्क बारेन्स बनवा बस्तर पहिरत रहा, अउर करिहाउँ प खालि क पेटी बाँधत रहा। उ टिड्डन्क अुर जंगली सहद खात रहा।
7 उ इ बात क प्रचार करत रहा: “मोरे पाछे मोसे जिआदा एक ठु बरिआर मनई आई। मइँ ऍतना जोग्य नाहीं कि ओकरे सोझे खड़ा होइके अउर निहुरिके ओकरे बधियउरी क फीता तलक खोलि सकउँ।
8 मइँ तू पचन्क पानी स बपतिस्मा देत अही मुला उ तू पचन्क पवित्तर आतिमा स बपतिस्मा देई।”
9 उ समइ ईसू नासरत स गलील आवा। हुवाँ यूहन्ना रहा। ईसू ओसे यरदन नदिया मँ बपतिस्मा लिहस।
10 जइसे ही पानी स बाहेर आवत रह, उ खुला भवा अकास देखेस। अउर पवित्तर आतिमा कबूतरे क नाईं ओह प उतरी।
11 फिन अकासबानी भइ: “तू मोर पूत, जेहका मइँ पियार करत हउँ। मइँ तोहसे बहोत खुस हउँ।”
12 तब तुरंतहि आतिमा ईसू क उसरे मँ पठएस।
13 अउ उ उसरे मँ चालीस दिन तइँ रहा। उहइ समइया मँ सइतान ओका भरमावत भवा रहा। हुवाँ ईसू जंगली जनावर क संग रहा। जहाँ सरगदूतन आइ क ओकर सेवा किहेन।
14 ओकरे बाद यूहन्ना जेली मँ धाँध दीन्ह गवा। फिन ईसू गालील मँ गवा अउर परमेस्सर क सुसमाचार क प्रचार करत रहा।
15 उ कहेस, “समइ पूरा होइ गवा परमेस्सर क राज्य नगिचे अहइ। सब जने मनफिरावा अउर सुसमाचार मँ बिसवास करा।”
16 जब ईसू गलील झील क निअरे स होइ के जात रहा। उ समौन अउर समौन भाई अन्द्रियास क निहारेस। उ दुइनउँ मछुआरा रहेन, एह बरे उ सब जलिया क झीले मँ डारत रहेन।
17 ईसू ओनसे कहेस, “आवा, अउर मोरे पाछे आवा। मइँ तू पचन क कइसे मनई बटोरा जात हीं इ बात सिखाउब।”
18 तबहिं फउरन उ सब आपनि जालिन्ह क छाँड़ि दिहन अउर ओकरे पाछे आएन।
19 तबहिं ईसू तनिक आगे झिलिया क तीरे चलत-चलत जब्दी क बेटवा याकूब अउर ओकर भाई यूहन्ना क निहारेस। उ सबइ आपन आपन नाउ मँ आपन जालि क मरम्मत करत रहेन।
20 उ तबहिं फउरन उ सबन्क बोलॉएस। एह बरे कि उ सबइ नाउ मँ आपन बाप जब्दी क छाँड़ि कइ ओके संग ओकरे पाछे आएन।
21 ओकरे बाद उ पचे कफरनहूम गएन। फुन अगवा ईसू आवइवाला सबित क दिन आराधनालय मँ जाइके लोगन्क सिच्छा देइ लाग।
22 सिरिफ धरम सास्तिरियन क जानइवाला क तरह नाहीं मुला एक ठु मुड्ढ क नाईं सिच्छा देत रहा। एह बरे उ सब मनइयन ओकरे सिच्छा स अचरजे मँ पड़ि गएन।
23 ओनकर यहूदी पराथना सभा मँ एक ठू अइसा मनई रहा जेका दुस्ट आतिमा धरे रही। उ मनई चिजिआन अउर कहेस,
24 “मोसे तू का चाहत बाट्या, नासरत क ईसू? का हम पचन्क बरिबाद करइ क आइ बाट्या? मइँ जानत हउँ तू का अहा, तू अहा परमेस्सर क पवित्तर मनई!”
25 मुला एह पइ ईसू पटकारेस, “खामोस रह, ओहका छाँड़िके चला आव।”
26 तबहिं दुस्ट आतिमा उ मनई क हिलाइस अउर खूब जोर स चिचिआन। फिन ओहमाँ स बाहेर आइ गइ।
27 ऍहसे हर मनई अचरज मँ पड़ि गवा। सब मनइयन आपुस मँ पूछइ पछोरे लागेन, “हिआँ इ कावा? इ मनई एक ठु नई सिच्छा देत बाटइ। उ मुड्ढ गियान स सिखवत अहइ। उ दुस्ट आतिमा क हुकुम देत हय अउर उ पचे ओहका मानत हीं।”
28 एह बरे गलील अउ ओह के चारिउँ कइँती ईसू क नाउँ तुरंतइ फइल गइ।
29 ईसू अउर ओकर चेलन आराधनालय तजि दिहन अउर सोझे याकूब अउ यूहन्ना क संग समौन अउर अन्द्रियास क घरे गएन।
30 समौन क सास बोखॉरे स बिछउना प पहुड़ी रही। तउ उ सब तुरंतहि ईसू क ओकरे बारे मँ बताऍन।
31 तइसे उ ओकरे नगिचे गवा। ओकर हथवा पकरि के ओका उठाएस। बोखॉर ओहका छाँड़ि दिहस अउर उ सबन्क सेवॅकाई करइ लाग।
32 सूरज बूड़े क बाद सांझ होइ जाए प उ सब लोग ढेर बेरमियन्क अउर जेनका दुस्ट आतिमन बियाधत रहा, ईसू क नगिचे लिवाइ लाऍन।
33 अउर समूचा सहर दुआरे प जम गवा।
34 उ तरह तरह क रोग स बेरमिया रहेन ओन सबन्क बेमारी स जरटुट किहेस अउर बहोत स दुस्ट आतिमन भगाय दिहस। उ दुस्ट आतिमन बोलइ दिहस नाहीं, एह बरे कि उ सब ओहका जान गइन।
35 बड़े भिन्सारे जब मुँह अँधियार रहा, ईसू जागि गवा। ओकरे बाद घरवा स बाहेर अकेल्ले मँ अउर उजाड़े मँ गवा, हुवाँ उ पराथना करेस।
36 पाछे समौन अउ ओकर साथी ईसू क हेरत-हेरत बाहेर गएन।
37 उ पचे ओहका हेरि के ओसे कहेन, “हर मनई तोहका हेरत अहइ।”
38 फिन ईसू ओनसे कहेस, “हमका दूसर क नगरन मँ जाइ चाही। तबहिं उ सबन ठउरन मँ मइँ उपदेस दइ सकत हउँ। एह बरे मइँ आइ हउँ।”
39 अइसे उ गलील क सब ठउरन मँ ओनके आराधनालयन मँ उपदेस देत अउर संग संग दुस्ट आतिमा क भगावत रहा।
40 फिन एक ठु कोढ़ी ओकरे निअरे आवा अउर उ निहुरि क ईसू स बिनती किहेस, “जउ तू चाहा, तू मोका चंगा कइ सकत ह।”
41 ओकर जिअरा दाया स भरि गवा। फिन उ आपन हथवा फइलावत ओका छुइके कहेस, “मइँ चाहत हउँ, तू नीक ह्वा।”
42 तबहिं फउरन ओकर कोढ़ जरटुट होइ ग अउर उ नीक होइ ग।
43 ईसू ओका जाइक बरे कहेस मुला ओका एक करी चिताउनी दिहेस,
44 “देखा, तू ऍकरे बारे मँ कउनो स कछुहि जिन कह्या। फिन याजक क लगे जा अउर ओका आपन क देखावा। परमेस्सर क भेंट द्या जेह बरे तू नीक होइ गया। अउर जइसा मूसा क व्यवस्था बताएस, वइसा आपन नीक होइ क भेंट द्या। जइसे इ एक सनद रहइ।”
45 फिन उ मनई चला गवा, अउर बेधड़क बतावइ लाग अउर खबरिया क प्रचार करइ लाग। ऍहसे ईसू अजादी स कस्बन मँ जाइ न सका। आखिर उ अकेल्ॅले मँ अउर उजड़े ठउरन मँ टिकइ लाग। सब मिला ठउर ठउर सा ओकरे नगिचे आवत रहेन।
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